बिहार बंद
नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में वाम दलों का बिहार बंद
पटना से दिवाकर पाण्डेय की रिपोर्ट
नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में वाम दलों ने राज्य भर में बिहार बंद का तसदीक़ किया है। जिसमें कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी, हम, जाप समेत विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों की ओर से समर्थन प्राप्त हुआ है।
बिहार बंद को देखते हुये, पटना के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक वाम दलों ने कहा है कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में सांप्रदायिक विभाजन और सामाजिक ध्रुवीकरण को और तेज करना है, जो हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरनाक रूप से हानिकारक है। जिसे रोकने के लिए यह विरोध किया जा रहा है।
इसी के साथ, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल 21 दिसंबर को सीएए के खिलाफ बिहार बंद का अवलोकन करेगी।
नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में वाम दलों ने राज्य भर में बिहार बंद का तसदीक़ किया है। जिसमें कांग्रेस, रालोसपा, वीआईपी, हम, जाप समेत विपक्षी पार्टियों और कई संगठनों की ओर से समर्थन प्राप्त हुआ है।
बिहार बंद को देखते हुये, पटना के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का फैसला किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक वाम दलों ने कहा है कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में सांप्रदायिक विभाजन और सामाजिक ध्रुवीकरण को और तेज करना है, जो हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरनाक रूप से हानिकारक है। जिसे रोकने के लिए यह विरोध किया जा रहा है।
इसी के साथ, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल 21 दिसंबर को सीएए के खिलाफ बिहार बंद का अवलोकन करेगी।


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