दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा नागरिकता संशोधन अधिनियम भेदभावपूर्ण है।
दिवाकर पाण्डेय
दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी NRC कानून भेदभावपूर्ण एवम गरीब तथा कमजोर लोगों को विशेष रूप से चोट पहुचाने वाली है, तथा हो रहे विरोध की निंदा करते हुये सरकार के नीतियों पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने एक विडियो संदेश के माध्यम से कहा की, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश भर के छात्रों, युवाओं और नागरिकों के खिलाफ भाजपा सरकार द्वारा दिए गये क्रूर दमन पर अपनी गहरी पीड़ा और चिंता व्यक्ति की है।
गांधी ने कहा कि अगर नागरिकों के लिए NRC को लागू किया जाता है तो, गरीब और कमजोर लोनो को विमुद्रिकरण के समय की तरह कतारों में खड़ा होना पड़ेगा और अपनी नागरिकता साबित करनी होगी।
उन्होंने कहा की नागरिकों को सरकार के गलत फैसलों और नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और लोकतंत्र में अपनी चिंताओं को दर्ज करने का अधिकार है, एवम समान रूप से, नागरिकों के सुचना और उनकी चिंताओं को दूर करना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा की भाजपा सरकार ने लोगों की आवाजों के लिए पूरी तरह से उपेक्षा दिखाई है, और उनके असंतोष को दबाने के लिए पाशविक बल का चयन किया है, जो लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य है,
और अंत में गांधी ने सरकार के कार्यों को निन्द्दा के साथ भारत के छात्रों और नागरिकों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को भाजपा की अगुवाई वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी NRC कानून भेदभावपूर्ण एवम गरीब तथा कमजोर लोगों को विशेष रूप से चोट पहुचाने वाली है, तथा हो रहे विरोध की निंदा करते हुये सरकार के नीतियों पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने एक विडियो संदेश के माध्यम से कहा की, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश भर के छात्रों, युवाओं और नागरिकों के खिलाफ भाजपा सरकार द्वारा दिए गये क्रूर दमन पर अपनी गहरी पीड़ा और चिंता व्यक्ति की है।
गांधी ने कहा कि अगर नागरिकों के लिए NRC को लागू किया जाता है तो, गरीब और कमजोर लोनो को विमुद्रिकरण के समय की तरह कतारों में खड़ा होना पड़ेगा और अपनी नागरिकता साबित करनी होगी।
उन्होंने कहा की नागरिकों को सरकार के गलत फैसलों और नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और लोकतंत्र में अपनी चिंताओं को दर्ज करने का अधिकार है, एवम समान रूप से, नागरिकों के सुचना और उनकी चिंताओं को दूर करना सरकार का कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा की भाजपा सरकार ने लोगों की आवाजों के लिए पूरी तरह से उपेक्षा दिखाई है, और उनके असंतोष को दबाने के लिए पाशविक बल का चयन किया है, जो लोकतंत्र के लिए अस्वीकार्य है,
और अंत में गांधी ने सरकार के कार्यों को निन्द्दा के साथ भारत के छात्रों और नागरिकों के साथ एकजुटता व्यक्त की।

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